February 4, 2023
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क्यों होता है कमर में दर्द जानिए इसके लक्षण और बचाव

आजकल के शहरी जीवनशैली में कमर दर्द एक बहुत ही आम समस्या है। डॉक्टर के पास जाने और काम पर न जा पाने के सबसे प्रमुख कारणों में से एक कमर दर्द है। यही नहीं कमरदर्द दुनियाभर में विकलांगता का सबसे बड़ा कारण है। कमर दर्द के मामलों में अच्छी बात यह है कि ज्यादातर मामलों में दर्द होने से पहले ही इस स्थिति को रोका जा सकता है या दर्द होने पर उससे आसानी से छुटकारा पाया जा सकता है। अगर आप दर्द शुरू होने से रोक नहीं पाते हैं, तो दर्द साधारण घरेलू उपायों के जरिए दर्द में राहत मिल सकती है। कुछ एक्सरसाइज और अपने उठने, बैठने व लेटने के तरीकों में सुधार करके दर्द से कुछ ही हफ्तों में छुटकारा मिल सकता है। आमतौर पर कमरदर्द में सर्जरी की आवश्यकता नहीं होती है।
कमर दर्द के लक्षण:

  • मांसपेशियों में दर्द।
  • अचानक तेज दर्द होना।
  • जलन होना।
  • चाकू चुभने जैसा दर्द होना।
  • दर्द का पैरों की तरफ बढ़ना।
  • पैर मोड़ने, उठाने, चलने या खड़े रहने पर गंभीर दर्द महसूस होना।

कमर दर्द के कारण:

  • मांसपेशियों या लिगामेंट में किसी तरह का खिंचाव।
  • बार-बार भारी वजन उठाना।
  • कमर झुकाने, अचानक उठने या अचानक रुकने या किसी तरफ मुड़ने पर भी कमर दर्द हो सकता है।
  • अगर आपकी शारीरिक स्थिति खराब है और आपकी पीठ पर लगातार दबाव पड़ रहा है तो मांसपेशियों में दर्द हो सकता है।
  • डिस्क में बल्जिंग या रप्चर डिस्क की समस्या होना।
  • आर्थराइटिस या गठिया की वजह से कमर दर्द हो सकता है।
  • ऑस्टियोआर्थराइटिस की वजह से भी पीठ के निचले हिस्से में दर्द हो सकता है।
  • ऑस्टियोपोरोसिस।

कमर दर्द से कैसे बचें:
आप कमर दर्द से बच सकते हैं। कमर दर्द को होने से रोक सकते हैं। अगर पहले से कमर दर्द की समस्या रही है तो उसके तीव्रता और बार-बार होने से रोक सकते हैं. इसके लिए आपको निम्न कदम उठाने होंगे।

  • व्यायाम करें – आपको नियमित तौर पर कम प्रभावी एरोबिक एक्सरसाइज करनी चाहिए, यह आपकी कमर में खिंचाव य झटके नहीं लगने देगी। यह व्यायाम करने से आपकी कमर मजबूत होगी और मांसपेशियों को अच्छी तरह से काम करने में सक्षम बनाएगी। वॉकिंग और स्वीमिंग अच्छे विकल्प हैं।
  • स्वस्थ वजन बनाए रखें – जैसा कि आपने ऊपर बढ़ा, ज्यादा वजन होने से कमर पर ज्यादा भार पड़ता है, इससे कमर की मांसपेशियों में खिंचाव पैदा होता है। वजन नियंत्रित करके कमर दर्द होने से बचा जा सकता है।
  • मांसपेशियों का मजबूती बढ़ाएं और लचीलापन लाएं – पेट और पीठ की मांसपेशियों के व्यायाम उनकी स्थिति में सुधार करता है। ये मिलकर कमर के लिए एक प्राकृतिक कोर्सेट का काम करते हैं। कूल्हों और पैरों के ऊपरी हिस्सों में लचीलापन पेल्विक की हड्डियों की मजबूती बढ़ाती है।
  • ऐसी किसी भी गतिविधि से बचें, जिसके कारण कमर पर दबाव पड़े या किसी तरह का ट्विस्ट आए।
  • ठीक से खड़े हों – आपको सीधे खड़े होना चाहिए, किसी भी स्थिति में न झुकें। पीठ के निचले हिस्से से कुछ भार उठाने से बचें। खड़े रहने के लिए एक पैर को छोटे स्टूल पर रखें और बारी-बारी से पैर बदलते रहें।
  • ठीक से बैठें – कमर के निचले हिस्से और हाथों को सहारा देने वाली कुर्सी का चुनाव करें। रीढ़ की हड्डी के कर्व को सामान्य रखने के लिए कमर के पिछले हिस्से में कुशन रखें या तौलिया मोड़कर रखें। बैठने की मुद्रा को हर 15-20 मिनट में बदलते रहें।

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